उत्तर प्रदेश के लोग पिछले कई दिनों से भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी से परेशान हैं। मानसून की सुस्त रफ्तार ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालांकि, अब मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है, जिससे उम्मीद जगी है कि जल्द ही सूबे को तपती गर्मी से मुक्ति मिलेगी।
पांच दिन बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले पांच दिनों तक मौसम का रुख मिला-जुला रहने वाला है। कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने बताया कि मानसून फिलहाल कमजोर पड़ा हुआ है, लेकिन 20 से 22 जुलाई के बीच बारिश के आसार बन रहे हैं। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
क्यों महसूस हो रही है अधिक गर्मी?
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन असली परेशानी ‘हीट इंडेक्स’ से आ रही है। नमी और उमस के कारण हीट इंडेक्स 47 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे धूप कम होने के बावजूद लोगों को असहनीय गर्मी और घुटन महसूस हो रही है।
- अगले 5 दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे।
- स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी संभव है।
- 20 जुलाई के बाद मानसून के सक्रिय होने के पूरे संकेत हैं।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर?
बारिश में इस देरी का सबसे बुरा असर खेती-किसानी पर पड़ा है। फसलों की सिंचाई के लिए किसान पूरी तरह से आसमान की ओर देख रहे हैं। यदि 20 जुलाई के बाद अच्छी बारिश होती है, तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह उमस भरी गर्मी खतरनाक है, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि अगले कुछ दिन स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।


