चित्रकूट में इन दिनों सांपों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सांप के डसने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
खेत में काम करते समय गई जान
पहली घटना राजापुर थाना क्षेत्र के उत्तमपुर गांव में सामने आई। 60 वर्षीय बुजुर्ग बड़कू राम अपने खेत में धान की नर्सरी की सिंचाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने डस लिया। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सोते समय बना शिकार
दूसरी घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के बरमपुर गांव की है, जहां 46 वर्षीय चंपा देवी अपने घर में सो रही थीं। रात के सन्नाटे में घर के अंदर घुसे सांप ने उन्हें काट लिया। परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, भरतकूप के पहरा गांव की रहने वाली आरती देवी भी सांप के डसने का शिकार हुई हैं, जिनका इलाज वर्तमान में जिला अस्पताल में जारी है।
सावधानी और बचाव के तरीके
- साफ-सफाई: अपने घर के आसपास झाड़ियों को न पनपने दें और कूड़े के ढेर को साफ रखें।
- बिस्तर की जांच: जमीन पर सोते समय मच्छदानी का उपयोग करें और सोने से पहले बिस्तर को अच्छी तरह झाड़ लें।
- तुरंत अस्पताल जाएं: सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सीधे नजदीकी जिला अस्पताल या सरकारी केंद्र पर पहुंचे।
मायने और प्रभाव
चित्रकूट के ग्रामीण अंचलों में मानसून के दौरान सांपों का बाहर निकलना एक आम समस्या है, लेकिन इन मौतों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसका सीधा असर यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता और समय पर इलाज की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की जरूरत है। स्थानीय निवासियों को अब अपने घरों और खेतों में काम करते समय पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग को भी पीएचसी स्तर पर सर्पदंश के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधनों को सुनिश्चित करना होगा ताकि समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके।





