यूपी के स्कूलों में अब हरियाली का पहरा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस बार राज्य के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मिलकर प्रदेश भर में 23.43 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। यह पहल न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जोड़ने का काम भी करेगी।
फलदार पौधों पर रहेगा विशेष जोर
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल सजावटी पेड़ नहीं, बल्कि फलदार पौधों को वरीयता दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि स्कूल परिसरों में फलदार पौधे लगाने से न केवल छाया मिलेगी, बल्कि भविष्य में बच्चों को पोषण भी प्राप्त होगा।
- कुल लक्ष्य: 23.43 लाख पौधे
- मुख्य फोकस: आम, अमरूद, जामुन और अन्य फलदार प्रजातियां
- भागीदारी: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
पौधरोपण का यह कार्य केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार की कोशिश है कि हर सरकारी स्कूल को एक ‘इको-फ्रेंडली’ कैंपस के रूप में विकसित किया जाए। शिक्षक और छात्र मिलकर इन पौधों की देखभाल करेंगे, जिससे छात्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा होगी।
मायने और प्रभाव
पर्यावरण और शिक्षा का अनूठा संगम: उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में लाखों पौधों का रोपण न केवल कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय जलवायु में भी सुधार लाएगा। फलदार वृक्षों के चयन से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों को स्वच्छ वातावरण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधन भी मिलेंगे।
सीखने का अनुभव: जब स्कूल के छात्र खुद अपने हाथों से पौधा लगाएंगे और उसे बड़ा होते देखेंगे, तो यह उनके लिए किताबी ज्ञान से बढ़कर एक व्यावहारिक शिक्षा होगी। यह पहल न केवल पर्यावरण को बचाने के लिए है, बल्कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाने का एक सार्थक प्रयास है।





