कहावत है कि ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’, और औरैया के राहतपुर गांव में घटी यह घटना इसे सच साबित करती है। करीब 60 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरे एक युवक के लिए मौत सामने खड़ी थी, लेकिन स्थानीय दमकल विभाग की सूझबूझ और तत्परता ने उसे एक नई जिंदगी दे दी।
क्या था पूरा मामला?
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव राहतपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को कुएं के अंदर से चीखने की आवाज सुनाई दी। पता चला कि नशे की हालत में एक युवक अपना संतुलन खो बैठा और सीधे 60 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों ने दिखाया साहस
कुआं काफी गहरा होने के कारण अंदर ऑक्सीजन की कमी हो सकती थी, जो जानलेवा साबित हो सकती थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकल विभाग के जवानों ने रस्सी और विशेष उपकरणों की मदद से नीचे उतरने का फैसला किया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

मायने और प्रभाव: यह खबर क्यों जरूरी है?
यह घटना केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं है, बल्कि सुरक्षा के प्रति बड़ी सीख है:
- आपदा प्रबंधन की तत्परता: दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही की गई कार्यवाही जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण है।
- सुरक्षा का अभाव: ग्रामीण इलाकों में पुराने और खुले पड़े कुएं आए दिन हादसे का सबब बनते हैं। स्थानीय प्रशासन को ऐसे असुरक्षित स्थानों की पहचान कर उन्हें कवर करने की सख्त जरूरत है।
- नशे का दुष्परिणाम: इस घटना का एक काला पहलू नशा भी है, जिसने युवक को मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया था। समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना अब अनिवार्य हो गया है।



