फर्रुखाबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सुबह की ताज़ा चाय की चुस्कियां लेते समय एक परिवार को तब बड़ा झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि जिस चाय को उन्होंने पीया, उसी बर्तन में एक मरी हुई छिपकली उबल रही थी। इस लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की जान जोखिम में डाल दी।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना फर्रुखाबाद के पास शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के बानगांव की है। मंगलवार की सुबह गोविंद के घर पर आम दिनों की तरह चाय बनाई गई थी। गोविंद (36) के साथ उनकी पत्नी सोनम (34) और उनके तीन बच्चे, प्रतीक्षा (14), प्रतिज्ञा (12) और अंशू प्रताप (8) ने चाय का सेवन किया।
चाय पीने के कुछ ही देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोगों को घबराहट और बेचैनी होने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में लोहिया अस्पताल ले जाया गया।

बर्तन में मिली मरी छिपकली
अस्पताल जाने से पहले जब परिवार ने चाय के भगोने (बर्तन) पर ध्यान दिया, तो उसमें छिपकली तैरती हुई मिली। गोविंद ने बताया कि छिपकली पूरी तरह से चाय में उबल चुकी थी, जिससे चाय जहरीली हो गई थी। बर्तन में बची हुई चाय को छानने पर इस खौफनाक सच्चाई का खुलासा हुआ।
मायने और प्रभाव
यह घटना हमारे किचन में बरती जाने वाली छोटी सी लापरवाही के बड़े खतरों को दर्शाती है।
- सावधानी ही बचाव है: अक्सर हम खाना बनाते समय बर्तन को ढंकना भूल जाते हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
- फूड सेफ्टी: छिपकली का जहर शरीर में जाते ही फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है। समय रहते अस्पताल न पहुँचने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
- अभिभावकों के लिए सबक: रसोई में स्वच्छता का ध्यान रखना केवल सफाई नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा है।
फिलहाल, इलाज के बाद सभी पांचों सदस्यों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। यह घटना एक चेतावनी है कि रसोई में काम करते समय थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है।





