मातम में बदली खुशियां, जुलूस के दौरान ढहा काल बनकर छज्जा
लखनऊ की गलियों में शुक्रवार का दिन एक ऐसी त्रासदी लेकर आया जिसने सबकी रूह कंपा दी। शहर के व्यस्त इलाके में एक धार्मिक जुलूस निकल रहा था, तभी अचानक एक जर्जर मकान का छज्जा भरभराकर नीचे चल रही भीड़ पर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ यह हादसा?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। चश्मदीदों के अनुसार, जुलूस में काफी संख्या में लोग शामिल थे और सड़क संकरी होने के कारण भीड़ छज्जे के ठीक नीचे थी। मकान काफी पुराना और जर्जर अवस्था में था, जो भारी वजन और पुरानी ईंटों के कारण अचानक गिर गया। घायल लोगों को तुरंत पास के ट्रॉमा सेंटर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन की कार्रवाई
- मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए।
- हादसे के बाद इलाके के पुराने और जर्जर मकानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के उचित इलाज के लिए प्रशासन ने मदद का आश्वासन दिया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह हादसा महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि पुरानी इमारतों को लेकर हमारी अनदेखी का परिणाम है। लखनऊ जैसे पुराने शहरों में आज भी कई ऐसी इमारतें हैं जिनकी उम्र पूरी हो चुकी है। बरसात का मौसम शुरू होते ही ईंटों की पकड़ ढीली हो जाती है, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और नगर निगम को अब ‘ओल्ड सिटी’ के जर्जर ढांचों का सर्वे अनिवार्य करना होगा, ताकि किसी और परिवार को अपना बच्चा न खोना पड़े। सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोकने का एकमात्र जरिया है।



