कानपुर में साइबर ठगों का एक नया गिरोह सक्रिय हो गया है, जिसने शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर एक युवक को लाखों रुपये का चूना लगाया है। यशोदानगर के रहने वाले शौर्य सिंह ने सेन पश्चिमपारा थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित शौर्य सिंह ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते थे, जिसमें उन्हें कुछ समय पहले नुकसान उठाना पड़ा था। इसी दौरान उन्हें टेलीग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति का मैसेज आया, जिसने उनके नुकसान की भरपाई कराने और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया।
ठगों ने बड़ी चतुराई से पहले विश्वास जीता और फिर 50 हजार रुपये की शुरुआती राशि मांग ली। इसके बाद, लालच का जाल ऐसा फैलाया कि 12 नवंबर 2025 से 26 मई 2026 के बीच शौर्य ने अलग-अलग यूपीआई खातों के जरिए कुल 12 लाख 16 हजार 900 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
डिजिटल ठगी का नया पैटर्न
- टेलीग्राम का इस्तेमाल: ठग अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
- आकर्षक मुनाफे का झांसा: नुकसान की भरपाई का नाम सुनते ही लोग भावनाओं में बहकर पैसा गंवा बैठते हैं।
- सीरीज ट्रांजेक्शन: ठगों ने पीड़ित से 28 अलग-अलग किस्तों में पैसे ऐंठे, ताकि किसी को शक न हो।
मायने और प्रभाव
कानपुर में हुई यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। साइबर अपराधी अब आम निवेशकों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस मामले का बड़ा संदेश यही है कि सोशल मीडिया या अनजान टेलीग्राम ग्रुप्स पर निवेश की सलाह पर कभी भरोसा न करें। असली शेयर मार्केट हमेशा सेबी (SEBI) अधिकृत प्लेटफॉर्म्स और रजिस्टर्ड ब्रोकर्स के जरिए ही संचालित होता है। यदि आप भी ऑनलाइन ट्रेडिंग में सक्रिय हैं, तो केवल प्रमाणित माध्यमों का ही उपयोग करें। अनजान लोगों को पैसा भेजना आपकी जीवन भर की कमाई को खतरे में डाल सकता है। पुलिस अब यूपीआई खातों की ट्रेलिंग के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।





