कानपुर के आसमान से बरस रही आग ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। चिलचिलाती धूप के साथ बढ़ी उमस ने लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर कर दिया है।
लगातार चढ़ता पारा, राहत के आसार कम
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल नहीं है। लू के थपेड़े और अत्यधिक आर्द्रता के कारण ‘फील लाइक’ तापमान 45 डिग्री के करीब महसूस हो रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
- अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
- बारिश के फिलहाल कोई आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे वातावरण में नमी बनी रहेगी।
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर?
इस भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर कामकाजी वर्ग और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहर में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में इजाफा होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई, तो आने वाले समय में फसलों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल कानपुर वासियों को इस गर्मी से बचने के लिए एहतियात बरतने की बेहद जरूरत है।




