कानपुर के एक निवासी के साथ जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन दिलाने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। विकास के नाम पर तेजी से बढ़ रहे जेवर इलाके का झांसा देकर शातिरों ने एक आम आदमी की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उन्हें यमुना प्राधिकरण के पास सस्ते और मुनाफे वाले प्लॉट दिलाने का लालच दिया था। खुद को बड़ा निवेशक बताने वाले इन जालसाजों ने जेवर एयरपोर्ट का नाम भुनाते हुए पीड़ित का भरोसा जीता।
आरोप है कि विश्वास में लेकर आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में 10.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब लंबे समय तक प्लॉट का कब्जा नहीं मिला, तो पीड़ित को अहसास हुआ कि उनके साथ खेल हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पीड़ित की शिकायत पर कानपुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन खातों की पड़ताल कर रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। साथ ही, आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता चल सके।
मायने और प्रभाव
क्यों जरूरी है सतर्क रहना?
- जेवर एयरपोर्ट के नाम पर इन दिनों रियल एस्टेट का जाल फैला हुआ है।
- अक्सर लोग सरकारी परियोजनाओं के नाम पर कम कीमत में जमीन का लालच देकर निवेश फंसाते हैं।
- किसी भी प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले यमुना अथॉरिटी की वेबसाइट पर उस प्रोजेक्ट का स्टेटस जरूर चेक करें।
- बिना मालिकाना हक और उचित दस्तावेजों की जांच किए किसी भी व्यक्ति को कैश या ऑनलाइन भुगतान न करें।
यह घटना एक चेतावनी है कि जल्दबाजी में किया गया निवेश आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान स्कीम में निवेश करने से पहले उसके वैध कागजात की गहन जांच जरूर करवाएं।



