गोरखपुर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब शहर की गलियों में मिलने वाले लजीज स्ट्रीट फूड को एक नया और आधुनिक ठिकाना मिलने जा रहा है। अयोध्या की तर्ज पर अब गोरखपुर में भी 4.73 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार ‘फूड स्ट्रीट हब’ विकसित किया जाएगा।
सड़क किनारे के दुकानदारों की बदलेगी तकदीर
केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना के तहत शाहपुर रोड पर यह प्रोजेक्ट तैयार होगा। यह हब न केवल देखने में आधुनिक होगा, बल्कि यहां स्वच्छता और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा रेहड़ी-पटरी वालों को होगा, जिन्हें अब अपना काम चलाने के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और लोग सुरक्षित माहौल में खाने का आनंद ले पाएंगे।

क्यों खास है यह फूड स्ट्रीट हब?
- स्वच्छता का पूरा ध्यान: फूड कोर्ट में साफ-सफाई के लिए विशेष इंतजाम होंगे।
- आधुनिक सुविधाएं: यहां बैठने के लिए बेहतर जगह, रोशनी और पार्किंग की सुविधा होगी।
- स्थानीय स्वाद: गोरखपुर के मशहूर व्यंजनों को एक ही छत के नीचे परोसा जाएगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता को क्या मिलेगा?
इस फूड स्ट्रीट हब के बनने से शहर की तस्वीर बदलेगी। जब छोटे व्यापारियों को संगठित किया जाता है, तो उनकी आय में वृद्धि होती है और ग्राहकों को भी बेहतर अनुभव मिलता है।
यह स्थान सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं, बल्कि शहर के युवाओं और परिवारों के लिए एक बेहतरीन हैंगआउट स्पॉट बनेगा। गोरखपुर के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।



